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NSG (ब्लैक कैट कमांडो): भारत की सबसे खतरनाक स्पेशल फोर्स की पूरी जानकारी (2026)

भारत में जब भी आतंकवाद, हाईजैकिंग या किसी बड़े बंधक संकट की बात होती है, तो एक नाम सबसे पहले सामने आता है—NSG (National Security Guard)। काले रंग की यूनिफॉर्म, चेहरे पर आत्मविश्वास और सेकंडों में मिशन पूरा करने की क्षमता के कारण इन्हें Black Cat Commandos कहा जाता है।

NSG क्या है?

NSG (National Security Guard) भारत की एक Federal Contingency Force है, जिसे विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों (Counter-Terrorism), बंधक बचाव (Hostage Rescue), विमान अपहरण (Anti-Hijacking) और VIP सुरक्षा जैसे अत्यंत संवेदनशील मिशनों के लिए बनाया गया है।

इसका गठन 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद बढ़ते आतंकवादी खतरों से निपटने के उद्देश्य से किया गया था।

रोचक तथ्य: NSG किसी राज्य पुलिस का हिस्सा नहीं बल्कि केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के अधीन कार्य करती है।

NSG का इतिहास

जानकारीविवरण
स्थापना1984
कानूनी आधारNational Security Guard Act, 1986
नियंत्रणगृह मंत्रालय (MHA)
मुख्यालयमानेसर, हरियाणा
लोकप्रिय नामBlack Cat Commandos
आदर्श वाक्यSarvatra Sarvottam Suraksha

1980 के दशक में भारत को आतंकवाद की गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद सरकार ने ऐसी स्पेशल फोर्स बनाने का निर्णय लिया जो किसी भी बड़े आतंकी हमले का तुरंत जवाब दे सके।

बहुत कम लोग जानते हैं कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के पूर्व सचिव आर.एन. काओ को NSG के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता है। उनका मकसद था एक ऐसी फोर्स बनाना जो पूरी तरह गोपनीयता, गति और सटीकता पर आधारित हो — बिल्कुल किसी खुफिया ऑपरेशन की तरह।

NSG की संरचना:

NSG कोई एक जैसी इकाई नहीं है, बल्कि इसके भीतर अलग-अलग विशेषज्ञता वाले समूह काम करते हैं। मुख्य रूप से इसके दो प्राथमिक विंग हैं:

ग्रुपमुख्य भूमिकाभर्ती स्रोत
स्पेशल एक्शन ग्रुप (SAG)आतंकियों का सफाया
Hostage Rescue
Counter Terror Mission
पूरी तरह भारतीय सेना से
स्पेशल रेंजर ग्रुप (SRG)सुरक्षा
बाहरी घेरा बनाना
VIP Protection
ऑपरेशन में सहायता
CRPF
BSF
ITBP
CISF
SSB
राज्य पुलिस से चयनित कर्मी
स्पेशल कंपोजिट ग्रुपसहायक तकनीकी व लॉजिस्टिक सहयोगमिश्रित स्रोत
इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट ग्रुपसर्विलांस, संचार व तकनीकी निगरानीतकनीकी विशेषज्ञ

चयन और ट्रेनिंग

NSG कमांडो बनना आसान काम नहीं। इसका मुख्यालय हरियाणा के मानेसर में स्थित है, जहां चयनित उम्मीदवारों को असाधारण रूप से कठिन प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है। सेलेक्शन प्रोसेस में शामिल हैं:

  • शारीरिक सहनशक्ति परीक्षण — जिसमें बड़ी संख्या में उम्मीदवार पहले ही राउंड में बाहर हो जाते हैं।
  • मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन — चरम दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता जांची जाती है।
  • कॉम्बैट व हथियार प्रशिक्षण — क्लोज-क्वार्टर बैटल (CQB), स्नाइपिंग, बम निष्क्रियकरण जैसे कौशल सिखाए जाते हैं।

ट्रेनिंग के दौरान जवानों को नकली हॉस्टेज सिचुएशन, अंधेरे में ऑपरेशन, और लाइव फायर एक्सरसाइज जैसी परिस्थितियों से गुजारा जाता है, ताकि असली मिशन में झिझक की कोई गुंजाइश न रहे। यही वजह है कि NSG को अक्सर दुनिया के बेहतरीन काउंटर-टेररिज्म यूनिट्स में गिना जाता है।

NSG ट्रेनिंग

कई विशेषज्ञों के अनुसार NSG की ट्रेनिंग दुनिया की सबसे कठिन सैन्य ट्रेनिंग में गिनी जाती है।

ट्रेनिंग में शामिल विषय
  • Urban Warfare
  • Close Quarter Battle (CQB)
  • Room Intervention
  • Hostage Rescue
  • Sniper Training
  • Explosive Handling
  • Night Operations
  • Fast Rope
  • Helicopter Assault
  • Combat Shooting

कहा जाता है कि शुरुआती चरण में बड़ी संख्या में उम्मीदवार ट्रेनिंग पूरी नहीं कर पाते।

प्रमुख ऑपरेशन्स जिन्होंने NSG की पहचान बनाई

समय-समय पर NSG ने कई ऐतिहासिक ऑपरेशन्स अंजाम दिए हैं, जो इसकी विश्वसनीयता की गवाही देते हैं:

  • ऑपरेशन ब्लैक थंडर (1988) — स्वर्ण मंदिर परिसर से आतंकियों को बाहर निकालने के लिए, जिसमें व्यापक मीडिया कवरेज और दस दिन तक चली स्नाइपर तैनाती शामिल थी।
  • ऑपरेशन क्लाउडबर्स्ट (1990)
  • ऑपरेशन ब्लैक टोर्नेडो (2008) — 26/11 के दौरान चलाया गया प्रमुख ऑपरेशन।
  • ऑपरेशन ब्लैक हॉक (2019)

इन सभी ऑपरेशन्स में एक बात समान रही है — जवानों की जान जोखिम में डालकर भी न्यूनतम नुकसान के साथ मिशन को अंजाम देना।

NSG की विशेष यूनिफॉर्म

NSG की पहचान उसकी Black Uniform है।
इसी कारण इन्हें Black Cat Commandos कहा जाता है।

NSG बनने के लिए जरूरी योग्यताएं

यदि आपका लक्ष्य NSG तक पहुंचना है तो—

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • पहले किसी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), भारतीय सेना या पात्र राज्य पुलिस बल में चयन होना चाहिए।
  • उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड होना चाहिए।
  • मानसिक एवं शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट होना चाहिए।

NSG बनाम अन्य विशेष बल: फर्क क्या है?

अक्सर लोग NSG, पैरा SF और मार्कोस जैसी यूनिट्स को एक ही समझ बैठते हैं, जबकि इनके काम करने का दायरा अलग है।

पहलूNSGपैरा स्पेशल फोर्सेज (सेना)मार्कोस (नौसेना)
नियंत्रणगृह मंत्रालयरक्षा मंत्रालयरक्षा मंत्रालय
मुख्य कार्यक्षेत्रघरेलू आतंकवाद, हॉस्टेज रेस्क्यूसीमा पार व सामरिक ऑपरेशनसमुद्री व तटीय सुरक्षा
तैनाती स्थानशहरी क्षेत्र, इमारतें, विमानयुद्धक्षेत्रसमुद्र, नदी, तटीय इलाके
स्वरूपसंघीय आकस्मिक बलसैन्य विशेष बलनौसैनिक विशेष बल

यह अंतर समझना ज़रूरी है क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि NSG मुख्यतः आंतरिक और शहरी संकटों के लिए बनाई गई फोर्स है, न कि सीमापार युद्ध अभियानों के लिए।

निष्कर्ष

NSG केवल एक सुरक्षा बल नहीं, बल्कि भारत की अंतिम सुरक्षा ढाल (Last Line of Response) मानी जाती है। जब किसी सामान्य सुरक्षा व्यवस्था की क्षमता से परे स्थिति उत्पन्न होती है, तब NSG जैसे विशेष प्रशिक्षित कमांडो मोर्चा संभालते हैं। उनकी कठोर ट्रेनिंग, अनुशासन और जोखिम उठाने की क्षमता उन्हें दुनिया की प्रतिष्ठित स्पेशल फोर्सेज़ में स्थान दिलाती है।

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FAQ

NSG का पूरा नाम क्या है?

NSG का पूरा नाम National Security Guard (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) है। इसे हिंदी में “राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड” भी कहा जाता है और यह भारत की एक विशिष्ट आतंकवाद-रोधी बल के रूप में जाना जाता है।

NSG की स्थापना कब हुई थी?

NSG की स्थापना 16 अक्टूबर 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद हुई थी। इसे कानूनी दर्जा NSG Act 1986 के तहत 22 सितंबर 1986 को मिला।

NSG को ब्लैक कैट्स क्यों कहा जाता है?

NSG कमांडो पूरी तरह काली वर्दी, काला नकाब (बालाक्लावा) और काला असॉल्ट हेलमेट पहनते हैं, जिससे उन्हें पहचान छुपाने और आश्चर्यजनक हमले में मदद मिलती है। इसी काले रंग की वजह से इन्हें “ब्लैक कैट्स” कहा जाता है।

NSG में भर्ती कैसे होती है?

NSG की अपनी सीधी भर्ती नहीं होती। इसके जवान भारतीय सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और राज्य पुलिस से डेप्युटेशन (प्रतिनियुक्ति) के आधार पर चुने जाते हैं, और कठिन शारीरिक व मनोवैज्ञानिक परीक्षणों से गुजरने के बाद ही उन्हें फोर्स में शामिल किया जाता है।

NSG का मुख्यालय कहाँ स्थित है?

NSG का प्रशासनिक मुख्यालय नई दिल्ली में है, जबकि इसका मुख्य ट्रेनिंग सेंटर हरियाणा के मानेसर में स्थित है।

SAG और SRG में क्या अंतर है?

SAG (Special Action Group) पूरी तरह भारतीय सेना से बनता है और सीधी काउंटर-टेररिज्म कार्रवाई करता है, जबकि SRG (Special Ranger Group) अर्धसैनिक व राज्य पुलिस बलों से बनता है और मुख्यतः VIP सुरक्षा व पेरीमीटर सिक्योरिटी संभालता है।

NSG और Para SF में क्या अंतर है?

NSG गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और मुख्यतः घरेलू आतंकवाद व शहरी हॉस्टेज-रेस्क्यू ऑपरेशन्स संभालती है, जबकि पैरा स्पेशल फोर्सेज रक्षा मंत्रालय के अधीन सेना का हिस्सा हैं और सीमापार व युद्धक्षेत्र से जुड़े सामरिक ऑपरेशन्स करती हैं।

ऑपरेशन ब्लैक टोर्नेडो (2008)क्या है?

26/11 के दौरान NSG कमांडो को ताज होटल और अन्य स्थानों पर तैनात किया गया था, जहाँ उन्होंने ऑपरेशन ब्लैक टोर्नेडो के तहत बंधकों को बचाया और आतंकियों को निष्क्रिय किया। इसी घटना के बाद देश में NSG के रीजनल हब स्थापित किए गए।

NSG के रीजनल हब किन शहरों में हैं?

26/11 के बाद रिस्पॉन्स टाइम कम करने के लिए NSG के रीजनल हब चेन्नई, गांधीनगर, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई में स्थापित किए गए हैं।

NSG का मुख्य कार्य क्या है?

आतंकवाद विरोधी अभियान, बंधक बचाव, विमान अपहरण से निपटना और विशेष सुरक्षा अभियान चलाना।

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