Gallantry Awards : शौर्य, बलिदान और सम्मान की कहानी
जब भी हम भारतीय Army के जवानों को सीमा पर डटे देखते हैं, तब केवल एक सैनिक नहीं बल्कि देश की सुरक्षा के लिए अपना सबकुछ न्योछावर करने वाला वीर दिखाई देता है। कुछ सैनिक ऐसे असाधारण साहस का परिचय देते हैं, जो इतिहास बन जाता है। उनके इसी अद्वितीय शौर्य को सम्मानित करने के लिए भारत सरकार द्वारा Gallantry Awards (वीरता पुरस्कार) दिए जाते हैं।
ये Awards केवल मेडल नहीं होते, बल्कि उन सैनिकों की अमर गाथा होते हैं जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों तक की परवाह नहीं की। चाहे कारगिल युद्ध हो, 1971 का युद्ध हो या आतंकवाद विरोधी अभियान — भारतीय सेना के वीरों ने हर बार दुनिया को साहस का अर्थ समझाया है।
इस लेख में हम Gallantry Awards और इन पुरस्कारों से जुड़ी रोचक जानकारियां प्राप्त करेंगे।
Gallantry Awards क्या होते हैं?
Gallantry Awards यानी वीरता पुरस्कार उन सैनिकों, अधिकारियों या कभी-कभी नागरिकों को दिए जाते हैं जिन्होंने असाधारण बहादुरी, साहस और बलिदान का परिचय दिया हो।
भारत में वीरता पुरस्कार मुख्यतः दो श्रेणियों में बांटे जाते हैं:
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| युद्धकालीन वीरता पुरस्कार | युद्ध या दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई में साहस |
| शांतिकालीन वीरता पुरस्कार | आतंकवाद विरोधी अभियान, बचाव कार्य या अन्य साहसिक कार्य |
⚔️ युद्धकालीन वीरता पुरस्कार
युद्धकालीन वीरता पुरस्कार मुख्यतः तीन हैं :
- परमवीर चक्र
- महावीर चक्र
- वीर चक्र
1.परम वीर चक्र (PVC)
भारत का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है — परम वीर चक्र। यह युद्ध के दौरान दुश्मन के सामने अद्वितीय साहस दिखाने पर दिया जाता है।



मुख्य बातें
- स्थापना: 26 जनवरी 1950
- युद्धकाल का सर्वोच्च पुरस्कार
- मेडल पर भगवान इंद्र के वज्र का प्रतीक
- अब तक केवल 21 सैनिकों को प्रदान
प्रसिद्ध PVC विजेता
Captain Vikram Batra
कारगिल युद्ध के दौरान उनका प्रसिद्ध वाक्य — “Yeh Dil Maange More” — आज भी युवाओं को प्रेरित करता है।
Major Shaitan Singh
1962 के युद्ध में रेजांग ला की लड़ाई में अद्भुत वीरता दिखाई।
2. महावीर चक्र (MVC)


यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है।
यह कब दिया जाता है?
जब कोई सैनिक युद्ध में असाधारण साहस और नेतृत्व दिखाता है।
खास बातें
- परम वीर चक्र के बाद दूसरा सर्वोच्च पुरस्कार
- 1947 से अब तक कई वीर सैनिकों को सम्मानित किया गया
- Army, Navy और Air Force — तीनों के लिए
3. वीर चक्र
यह तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन Gallantry Award है।
इसकी विशेषता
- दुश्मन के सामने बहादुरी दिखाने पर दिया जाता है
- अक्सर युवा अधिकारियों और जवानों को मिलता है
- कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में वीर चक्र दिए गए
प्रेरणादायक उदाहरण
Captain Anuj Nayyar
उन्होंने दुश्मन के कई बंकर नष्ट किए और अंत तक लड़ते रहे।
🕊️शांतिकालीन वीरता पुरस्कार
यह शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।
4. अशोक चक्र


कब दिया जाता है?
- आतंकवाद विरोधी अभियान
- बंधक बचाव अभियान
- नागरिकों की रक्षा में असाधारण साहस
प्रसिद्ध विजेता
Major Sandeep Unnikrishnan
26/11 मुंबई हमले में उनकी बहादुरी आज भी देश को गर्व महसूस कराती है।
5. कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र
ये शांतिकालीन वीरता पुरस्कार हैं जो असाधारण साहस के लिए दिए जाते हैं।
| पुरस्कार | महत्व |
|---|---|
| कीर्ति चक्र | युद्धक्षेत्र से बाहर बहादुरी के लिए दूसरा सर्वोच्च पुरस्कार। आतंकवाद-रोधी अभियानों में वीरता के लिए भी दिया जाता है। |
| शौर्य चक्र | शांतिकालीन साहस के लिए तीसरा पुरस्कार। आंतरिक सुरक्षा अभियानों, आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन में वीरता के लिए। |
तुलनात्मक तालिका: Awards की विशेषताएँ
| वरीयता | पुरस्कार का नाम | श्रेणी | किसे मिल सकता है? | विशेषता |
|---|---|---|---|---|
| 1 | परम वीर चक्र | युद्धकालीन | सैन्य कर्मी | सर्वोच्च, केवल 21 बार प्रदान |
| 2 | अशोक चक्र | शांतिकालीन | सैन्य + नागरिक | शांतिकालीन सर्वोच्च सम्मान |
| 3 | महावीर चक्र | युद्धकालीन | सैन्य कर्मी | द्वितीय सर्वोच्च युद्ध पुरस्कार |
| 4 | कीर्ति चक्र | शांतिकालीन | सैन्य + नागरिक | आतंकवाद-रोधी वीरता |
| 5 | वीर चक्र | युद्धकालीन | सैन्य कर्मी | तृतीय युद्ध पुरस्कार |
| 6 | शौर्य चक्र | शांतिकालीन | सैन्य + नागरिक | तृतीय शांतिकालीन पुरस्कार |
Gallantry Awards से जुड़ी रोचक बातें
‘बार’ का प्रावधान
यदि कोई पुरस्कार विजेता फिर से उसी स्तर की वीरता दिखाए, तो उसे पुरस्कार की जगह एक ‘बार’ दिया जाता है — जो उनके रिबन पर लगाया जाता है और उनके मेडल की प्रतिकृति के रूप में जाना जाता है।
मरणोपरांत पुरस्कार
PVC के 21 विजेताओं में से 14 को मरणोपरांत यह सम्मान मिला — यह तथ्य बताता है कि इन जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना सर्वोच्च बलिदान किया।
नागरिक भी पात्र हैं
अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र नागरिकों को भी दिए जा सकते हैं — जो बताता है कि साहस किसी वर्दी का मोहताज नहीं।
पुरस्कार समारोह: कैसे होता है सम्मान?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, परम वीर चक्र और अशोक चक्र गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा स्वयं प्रदान किए जाते हैं। अन्य पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा निवेश समारोह में दिए जाते हैं।
यह केवल एक पदक नहीं है — यह एक परंपरा है, एक संकल्प है कि राष्ट्र अपने रक्षकों को नहीं भूलेगा।
💡 क्या आप जानते थे?
- परम वीर चक्र की डिज़ाइन सेवानिवृत्त ब्रिटिश सेना की अधिकारी सावित्री खानोलकर ने बनाई थी।
- PVC पर इंद्र के वज्र की चार प्रतिकृतियाँ उकेरी हैं — शक्ति और साहस का प्रतीक।
- अशोक चक्र पर स्वर्ण-मढ़ी** धातु का उपयोग होता है।
- वीर चक्र का रिबन आधा नीला, आधा नारंगी रंग का होता है।
निष्कर्ष
भारतीय Army के Gallantry Awards केवल पदक नहीं हैं — वे उन वीरों की अमर पहचान हैं जिन्होंने अपने आज को हमारे कल के लिए समर्पित कर दिया।
जब हम परम वीर चक्र या अशोक चक्र जैसे पुरस्कारों के बारे में पढ़ते हैं, तो हमें केवल युद्ध की कहानी नहीं बल्कि साहस, देशभक्ति और त्याग की परिभाषा समझ आती है।
इन वीर सैनिकों का सम्मान करना केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि हर भारतीय की जिम्मेदारी है।


